परिचय
अप्रैल 2026 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि 'एक देश एक चुनाव' (One Nation One Poll) और समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) भाजपा सरकार के अधूरे एजेंडा बने हुए हैं। यह बयान सरकार की इन दो महत्वपूर्ण और अक्सर बहस किए जाने वाले शासन सुधारों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। ये दोनों अवधारणाएं भारतीय राजनीति, समाज और संवैधानिक ढांचे के लिए गहरे निहितार्थ रखती हैं। करंट अफेयर्स, प्रतियोगी परीक्षा और सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए इन सुधारों को समझना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि ये देश के भविष्य के शासन और सामाजिक ताने-बाने को आकार देंगे।
मुख्य विवरण
'एक देश एक चुनाव' (One Nation One Poll) का अर्थ है कि देश में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएं। इसके समर्थकों का तर्क है कि इससे चुनाव खर्च में भारी कमी आएगी, बार-बार लगने वाली आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) से मुक्ति मिलेगी, जिससे विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी, और प्रशासन पर बोझ कम होगा। हालांकि, इसकी चुनौतियां भी कम नहीं हैं। इसके लिए भारतीय संविधान में कई संशोधन करने होंगे, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं के कार्यकाल से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा, राजनीतिक दलों के बीच व्यापक सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय दलों के प्रभाव पर भी असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) का तात्पर्य है कि विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और गुजारा भत्ता जैसे व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून हो, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में इसे राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों (Directive Principles of State Policy - DPSP) के तहत शामिल किया गया है। UCC के समर्थकों का मानना है कि यह लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा और विभिन्न धार्मिक समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों में मौजूद विसंगतियों को दूर करेगा। हालांकि, इसके आलोचकों का तर्क है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 25-28) का उल्लंघन कर सकता है और भारत की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विविधता के लिए खतरा पैदा कर सकता है। सरकार ने इन सुधारों पर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स और कानून आयोग (Law Commission) से परामर्श किया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
भारत में 'एक देश एक चुनाव' का विचार नया नहीं है; 1952 से 1967 तक, भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनाव ज्यादातर एक साथ ही होते थे। हालांकि, कुछ राज्यों में सरकारों के गिरने और विधानसभाओं के भंग होने के कारण यह प्रथा टूट गई। हाल के वर्षों में, प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा ने इस विचार को फिर से जीवित किया है। UCC पर बहस भी दशकों पुरानी है। भारतीय संविधान में इसे शामिल करने के समय से ही इस पर चर्चा होती रही है। शाह बानो मामले (Shah Bano case) जैसे कई अदालती फैसलों ने UCC की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है। गोवा भारत का एकमात्र राज्य है जहां पुर्तगाली नागरिक संहिता (Portuguese Civil Code) के माध्यम से एक प्रकार का UCC लागू है। विभिन्न सरकारों ने इस विषय पर विचार किया है, लेकिन धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता के कारण इसे लागू करना एक जटिल चुनौती बनी हुई है।
प्रभाव और महत्व
ये दोनों सुधार, यदि लागू होते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और समाज पर दूरगामी प्रभाव डालेंगे। 'एक देश एक चुनाव' से चुनावी प्रक्रिया की दक्षता में सुधार हो सकता है और शासन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सरकारों को अधिक समय मिल सकता है। हालांकि, यह संघीय ढांचे और क्षेत्रीय दलों की भूमिका पर भी प्रश्न उठा सकता है। UCC का क्रियान्वयन सामाजिक समरसता, लैंगिक न्याय और मानवाधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह महिलाओं को व्यक्तिगत कानूनों में मौजूद भेदभाव से मुक्ति दिला सकता है। हालांकि, इसका सफल कार्यान्वयन विभिन्न धार्मिक समुदायों की आशंकाओं को दूर करने और उनकी सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करने पर निर्भर करेगा। ये सुधार भारत को एक अधिक एकीकृत और आधुनिक राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित हो सकते हैं, जिससे सरकारी नौकरी के अवसरों और देश के विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
परीक्षा के लिए महत्व
UPSC: राजव्यवस्था (भारतीय संविधान, संघीय ढांचा, चुनाव आयोग), सामाजिक न्याय (लैंगिक समानता, धार्मिक स्वतंत्रता), शासन (सुधार, दक्षता) और मानवाधिकार से संबंधित Prelims और Mains के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
SSC: भारतीय संविधान के अनुच्छेद (विशेषकर अनुच्छेद 44, 25-28), चुनाव आयोग के कार्य, प्रमुख कानूनी सुधार और महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों से संबंधित सामान्य ज्ञान के प्रश्न आ सकते हैं। SSC CGL, CHSL, GD जैसी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक है।
Banking: इन सुधारों के आर्थिक प्रभाव, सरकारी नीतियां, सामाजिक स्थिरता और वित्तीय बाजारों पर संभावित असर से संबंधित प्रश्न IBPS, SBI और RBI परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।
संभावित परीक्षा प्रश्न
प्रश्न 1: भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित है?
उत्तर: अनुच्छेद 44।प्रश्न 2: 'एक देश एक चुनाव' का मुख्य लाभ क्या बताया जाता है?
उत्तर: चुनाव खर्च में कमी, विकास कार्यों में निरंतरता और प्रशासन पर बोझ कम होना।प्रश्न 3: UCC लागू करने में प्रमुख संवैधानिक चुनौती क्या है?
उत्तर: धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 25-28) के साथ संतुलन स्थापित करना और विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करना।
याद रखने योग्य तथ्य
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों (DPSP) का हिस्सा है।
'एक देश एक चुनाव' का विचार पहली बार 1983 में चुनाव आयोग द्वारा प्रस्तावित किया गया था।
गोवा भारत का एकमात्र राज्य है जहां UCC लागू है (पुर्तगाली नागरिक संहिता के माध्यम से)।
शाह बानो मामला UCC की बहस में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
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