परिचय
एक तीव्र और निर्णायक मानवीय अभियान में, भारत ने मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और चल रहे संघर्ष के बीच ईरान से अपने 600 से अधिक नागरिकों को सफलतापूर्वक निकाला। यह निकासी आर्मेनिया जैसे वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से facilitated की गई थी, जिसने भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की कुशल योजना और कूटनीति को उजागर किया। यह घटना भारत की प्रभावी विदेश नीति, संकट के समय अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता, और एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में उसकी स्थिति को रेखांकित करती है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए, यह करंट अफेयर्स और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो UPSC, SSC, Banking और Railway जैसी प्रतियोगी परीक्षा में प्रासंगिक हो सकता है।
मुख्य विवरण
मार्च 2026 में चलाए गए इस बचाव अभियान को भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध और निष्पादित किया गया था। ऑपरेशन के तहत, ईरान में फंसे 600 से अधिक भारतीय नागरिकों को, जो मुख्य रूप से छात्र, श्रमिक और पर्यटक थे, को सुरक्षित रूप से निकाला गया। पश्चिम एशिया में संघर्ष की तीव्रता, विशेष रूप से ईरान के आसपास के क्षेत्रों में, ने इस निकासी को एक जटिल और उच्च जोखिम वाला कार्य बना दिया था। ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे सैन्य तनाव, जिसमें दोनों पक्षों से मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल थे, ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया था। इस स्थिति में, सीधे हवाई मार्ग असुरक्षित हो सकते थे, जिसके कारण भारतीय अधिकारियों को आर्मेनिया जैसे पड़ोसी देशों के माध्यम से वैकल्पिक और सुरक्षित भूमि और हवाई मार्गों का उपयोग करना पड़ा। भारतीय दूतावासों ने फंसे हुए नागरिकों की पहचान करने, यात्रा दस्तावेजों को व्यवस्थित करने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह अभियान दर्शाता है कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, चाहे वे दुनिया के किसी भी हिस्से में क्यों न हों।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पश्चिम एशिया दशकों से भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों का केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में अमेरिका, इज़राइल और ईरान जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के बीच जटिल और अक्सर विरोधाभासी हित हैं, जिससे स्थिति लगातार अस्थिर बनी रहती है। भारत की विदेश नीति ऐतिहासिक रूप से 'गुटनिरपेक्षता' और सभी पक्षों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने पर केंद्रित रही है, जिससे भारत को संकट के समय मध्यस्थता और निकासी अभियानों को अंजाम देने में मदद मिलती है। यह पहली बार नहीं है जब भारत ने संकटग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सफलतापूर्वक निकाला है। अतीत में भी, भारत ने कई बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाए हैं, जैसे 2015 में यमन से 'ऑपरेशन राहत', 2020-21 में कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया भर से 'वंदे भारत मिशन', और 2022 में यूक्रेन से 'ऑपरेशन गंगा'। ये अभियान भारत की मजबूत कूटनीतिक पहुंच, मानवीय सहायता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और अपनी नागरिक-केंद्रित विदेश नीति को दर्शाते हैं। वर्तमान निकासी भी इसी विरासत का हिस्सा है, जो दर्शाता है कि भारत संकटों के प्रबंधन में एक अनुभवी और सक्षम राष्ट्र है।
प्रभाव और महत्व
ईरान से भारतीय नागरिकों की सफल निकासी भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विश्व मंच पर एक जिम्मेदार और सक्षम वैश्विक खिलाड़ी के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करता है। यह उन लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए भी सुरक्षा और आश्वासन का संदेश भेजता है जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहते और काम करते हैं। यह अभियान दर्शाता है कि भारत अपनी भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, संकट के समय अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है। यह भारत की 'मानवीय कूटनीति' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां राष्ट्रीय हितों की रक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता दी जाती है। क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में, भारत ने संघर्ष में सीधे पक्ष लेने से बचते हुए सभी संबंधित पक्षों के साथ संवाद बनाए रखने की कोशिश की है, जिससे उसे ऐसे मानवीय कार्यों को अंजाम देने में मदद मिली है। यह भारत के सॉफ्ट पावर को बढ़ाता है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में उसकी विश्वसनीयता को मजबूत करता है।
परीक्षा के लिए महत्व
UPSC: Prelims में अंतर्राष्ट्रीय संबंध, MEA (विदेश मंत्रालय) के कार्य, भारत की विदेश नीति के सिद्धांत, भू-राजनीतिक घटनाएं, और विभिन्न देशों के नाम और उनकी भौगोलिक स्थिति से संबंधित प्रश्न आ सकते हैं। Mains में यह भू-राजनीति, मानवीय सहायता, आपदा प्रबंधन, भारत का वैश्विक प्रभाव, और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत एक महत्वपूर्ण विषय है।
SSC: General Awareness खंड में अंतर्राष्ट्रीय संगठन, प्रमुख भू-राजनीतिक घटनाएं, भारत की विदेश नीति, और महत्वपूर्ण निकासी अभियानों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
Banking: SBI PO, IBPS PO और अन्य बैंकिंग परीक्षाओं के इंटरव्यू और जनरल अवेयरनेस सेक्शन में अंतर्राष्ट्रीय संबंध, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संघर्षों का प्रभाव, और भारतीय कूटनीति से संबंधित चर्चाएँ या प्रश्न हो सकते हैं।
Railway: General Awareness अनुभाग में अंतर्राष्ट्रीय घटनाएं, भारत की कूटनीति, और विश्व के महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
संभावित परीक्षा प्रश्न
प्रश्न 1: मार्च 2026 में भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच किस देश से अपने 600 से अधिक नागरिकों को सफलतापूर्वक निकाला? उत्तर: भारत ने ईरान से अपने नागरिकों को निकाला।
प्रश्न 2: निकासी अभियान के दौरान पश्चिम एशिया में किन तीन प्रमुख देशों के बीच तनाव और संघर्ष चल रहा था? उत्तर: अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच।
प्रश्न 3: भारत सरकार का कौन सा मंत्रालय विदेश में फंसे नागरिकों की निकासी का समन्वय करता है? उत्तर: विदेश मंत्रालय (MEA)।
याद रखने योग्य तथ्य
निकाले गए नागरिकों की संख्या: 600 से अधिक।
निकासी का स्थान: ईरान।
पश्चिम एशिया में संघर्ष में शामिल मुख्य देश: अमेरिका, इज़राइल, ईरान।
निकासी अभियान में आर्मेनिया जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया गया।
यह भारत की मानवीय कूटनीति और नागरिक सुरक्षा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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